7+ गरीब किसान की कहानी हिंदी में | Garib Kisan Ki Kahani in Hindi

Garib Kisan Ki Kahani in Hindi नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हमने यहां पर गरीब किसान की कहानी शेयर की है। इन Kisan Short Story in Hindi से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा एवं जीवन में इसका महत्व समझ आएगा।

Garib Kisan Ki Kahani in Hindi

किसान कड़ी मेहनत करके अनाज पैदा करते है। किसान बहुत मेहनती होते हैं। इनके जीवन में कितनी भी कठिनाई आ जाएं लेकिन ये हार नहीं मानते है।‌ आज हम यहां आपको इन्हीं मेहनती किसान की कहानी बताएंगे।

यहां पर हमने तरह-तरह के Intelligent Farmer Story in Hindi शेयर की है। जो पढ़ने में शायद छोटी लगे लेकिन इनके पीछे आपको एक अच्छी सीख मिलेगी। आपको इसे पूरा जरूर पढ़ना चाहिए।

1. Garib Kisan Ki Kahani in Hindi- गरीब किसान की कहानी (Garib Kisan ki Kahani)

Garib Kisan Ki Kahani in Hindi

किसी गांव में एक किसान रहता था। इस संसार में वह बहुत ही गरीब था। उसके पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा था जिसपर वह खेती करता था। उसका गुजारा अत्यंत कठिन तरीकों से होता था। एक दिन सूरज की गर्मी चरम सीमा पर थी परंतु किसान हमेशा की तरह खेत में काम कर रहा था।

पसीने से लथपथ किसान बुआई के लिए खेत जोत रहा था। इसी बीच खेत में खुदाई करते समय जमीन से एक बड़ा सा लकड़ी का बक्सा मिला। किसान ने सावधानी से बक्शे को निकाला पहले तो उसके समझ में नहीं आया की बक्शे का क्या करें? आखिर उसने बक्से को खेत के बाहर रख दिया।

उसे साफ करके जो रोटियां वह घर से लाया था वह बक्शे में रख दी और अपने काम में जुट गया। दोपहर को जब वह खाने के लिए रोटीयां निकलने के लिए बक्शे के पास गया तो हैरान रह गया। उसमें रोटीयां ही रोटीयां भरी हुई थी। तब किसान को पता चला की वह जादुई बक्सा था। उसमें जो भी चीज डालो उसका 80 गुना होकर बाहर आता‌।

जैसे एक मूंगफली का दाना डालो तो तुरंत उसमें से 80 दाने निकल पड़ते। किसान ने तृप्त होकर खाना खाया और उसके बाद किसान संतुष्ट होकर बक्से को घर ले आया। बक्सा मिलने के बाद किसान बहुत खुश था उसे लगा की उसके सब दुख अब दूर होंगे।

वह लालची नहीं बल्कि धैर्यवान व्यक्ति था। उसने बक्से का दुरुपयोग नहीं किया। उसे जब भी किसी चीज की जरूरत होती तो बक्से से तुरंत प्राप्त कर लेता।

समय गुजरने के साथ-साथ उसके बक्से के बारे में गांव के जमींदार को पता लगा। जमींदार बेहद लालची था और उसे लगा की ऐसी ही जादुई चीज़ पर तो उसका अधिकार होना चाहिए।

उसके आदेश पर जमींदार के लठ्ठेत किसान को पकड़ कर ले आएं। उसने किसान को धमका कर कहा बक्सा जिस भूमि से मिला से है वह मेरी जमींदारी में आती है। इसलिए बता उस बक्से पर किसका अधिकार बनता है।

किसान बोला ‘यह ठीक है हुजूर की यह भूमि आपकी जमींदारी पर आती है पर बक्सा जिस खेत से निकला है उसपर मैं खेती करता हूं। अत: इस बक्से पर मेरा अधिकार बनता है।

किसान गिड़गिड़ाया, लेकिन जमींदार ने बहुत धमकाया, बक्सा पाकर जमींदार बहुत खुश हुआ। मगर किसान का रो-रो कर बुरा हाल था। जमींदार की अब चांदी हो गई।

वह जो चाहता बक्शे में डालता और उसे कई गुना पाकर खुश हो जाता। कुछ लोगों ने जादुई बक्से की खबर मंत्री जी के पास पहुंचा दी। पहले तो उसे विश्वास नहीं हुआ फिर उसने अपने विश्वस्त सेवक को बक्से की सच्चाई परखने के लिए भेजा।

वहां जो उसने बक्से का जो जादू देखा तो वह मंत्री के पास जाकर सारी सच्चाई बता दी। मंत्री ने जमींदार को बुलाया फिर उसे डराते हुए कहा ‘हमें पता चला है की तुम्हारे पास एक जादुई बक्सा है उसे तुरंत हमारे हवाले कर दो।

इसी जादुई बक्से को हाथ से निकलते हुए देखकर जमींदार की हालात खराब होने लगी। उसने मंत्री जी से बहुत विनंती की पर मंत्री नहीं माना।

बक्सा पाकर मंत्री मतवाला हो गया विरोधियों को यह अच्छा मौका मिल गया‌। उन्होंने बक्से के साथ-साथ मंत्री के निकम्मेपन की खबर भी राजा तक पहुंचा दी। बक्से की बात सुनकर राजा अधीर हो उठा। वह अपने सेनापति के साथ मंत्री के घर जा पहुंचा उसने कहा देश की सारी जमीन राजा की होती है। इसलिए जादुई बक्से पर भी उसी का हक है।

मंत्री ने बिना देरी किए बक्सा राजा को दे दिया। जादुई बक्से को पाकर राजा प्रसन्न हो गया। सबसे पहले राजा ने जादुई बक्से की मदद से अपनी खजाने की वृद्धि की फिर राजा को उस बक्से की सुरक्षा को लेकर चिंता हुई।

राजा हर कीमत पर उस बक्से को अपने साथ रखना चाहता था। राजा ने सोचा की इसका रहस्य ज्ञात करना चाहिए की आखिर इस बक्से में हैं क्या?

यह जानने के लिए राजा उसमें प्रवेश कर बैठा जब बाहर निकला तो उसके पीछे-पीछे 80 राजा बाहर निकलें। असली राजा का कुछ पता नहीं चलता था। वे राजसिंहासन में कब्जा करने के लिए एक-दूसरे से लड़ने लगे।

यह जानकर किसान को बेहद दुख हुआ। वह अपने आपको कोसने लगा कि कितना अच्छा होता की मैं बक्से को जमीन में ही गढ़ा रहने देता।’

2. Kisan Short Story in Hindi- एक ईमानदार किसान (Honest Farmer Story in Hindi)

एक गांव में एक गरीब किसान रहता था। वह बहुत ही ईमानदार और मेहनती आदमी था। वह अपने छोटे से खेत में काम करता और बहुत ही खुश रहता था। पूरे गांव में किसान की ईमानदारी के बहुत ही चर्चा थे।

उसका एक दोस्त था। जो उस गांव के राजा के यहाँ सिपाहीं का काम करता था। वह किसान से उसके घर रोज मिलने जाता था। एक बार राजा ने अपने दरबार में एक एलान किया कि उसके बगीचे में काम करने वाला एक अच्छा सा कारीगर चाहिए जो उसके बगीचें के पेड़ पौधों और फूलों का ध्यान रख सके।

राजा का यह ऐलान सुनकर किसान के दोस्त सिपाही ने सोचा कि यही मौका है की किसान से मित्रता निभाने की मैं उसे यहां बगीचें में काम पर लगवा दूँगा, उसका व मेरा साथ भी रहेगा एवं किसान का भला भी हो जाएगा।

यह सोचकर उसने राजा से कहा कि महाराज मैं आपके लिए एक ऐसे आदमी को लेकर आउंँगा जो यह काम अच्छे से कर लेगा। सभी राजा ने उस सिपाही को आदेश दिया कि जाओ कल से ही बगीचे में काम करने के लिए कह दो।

उसी वक्त वह सिपाही अपने दोस्त किसान के पास पहुंच गया और उसने किसान को बगीचें के काम की सारी बात बता दी और किसान ने भी काम करने के लिए खुशी-खुशी हां कर दिया।

अगले ही दिन अपने दोस्त के साथ राजमहल पहुंच गया। सिपाही उसे राजा के सामने लेकर गया और राजा ने उस किसान को बगीचे की पूरी देखभाल का काम सौंप दिया

राजा ने कहा तुम अगर पूरी ईमानदारी के साथ काम करोगे तो तुम्हें 50 सोने की मुद्राएं हर महीने दूँगा। किसान खुशी-खुशी बगीचे में काम करने के लिए हां कर देता है और वह उसी वक्त बगीचे में काम करने लगा।

किसान बगीचे में बहुत दिल लगाकर काम करता था। कुछ दिन बीच गए किसान ने बगीचे को बहुत सुंदर व हरा भरा बना दिया। राजा को उसका काम बहुत पसंद आया।

एक दिन किसान बगीचे में कुछ खुदाई कर रहा था। तो उसने जमीन के नीचे कुछ महसूस किया तो उसने खुदाई की तो देखा वहां नीचे एक बड़ी सी संदूक थी।

किसान ने वह संदूक बाहर निकाला और खोला तो क्या देखा वह सोने और चांदी से भरी हुई थी। यह देखकर किसान बहुत खुश हुआ और अपनी ईमानदारी दिखाते हुए राजा के पास पहुंचा।

राजा किसान की ईमानदारी देखकर बहुत खुश हुआ और उसके साथ वहां गया जहां किसान ने खजाना निकाला था। राजा ने देखा तो कहा यह खजाना तो हमारे पुरखों का है।

हम कई वर्षों से इसे खोज रहें थे‌। खजाना देख राजा बहुत ही खुश हो जाता है। राजा अगले दिन किसान को पूछता है तुम्हें क्या ईनाम चाहिए। किसान बोला मालिक मुझें कुछ नहीं चाहिए मेरे पास जो भी है मैं उसी में खुश हूं।

राजा उसकी इतनी अच्छी बात सुनकर ओर खुश हो गया और उसने किसान को अपना मंत्री बनाने का फैसला किया। किसान ने राजा की बात मान ली और मंत्री बन गया।

3. Intelligent Farmer Story in Hindi- किसान और आलसी बेटे (The Farmer and His Lazy Sons)

Garib Kisan Ki Kahani in Hindi

बहुत समय पहले एक गांव में एक किसान रहता था। उसके पास काफी संपत्ति थी क्योंकि उसने बहुत सालों तक खूब मेहनत किया था। उसके पास बहुत बड़े-बड़े खेत थे पर वह बहुत दुखी था।

क्योंकि उसके बेटे बहुत पसंद आलसी थे। ना तो वह उसकी मदद करते थे। सारे दिन सोते ही रहते थे और अपना समय फालतू के खेलों में बर्बाद किया करते थे।

एक दिन किसान बहुत बिमारी पड़ गया। उसके बेटों ने डॉक्टर को बुलाया जहां डॉक्टर ने कह दिया की आपके पास ज्यादा समय नहीं है आपकी कोई आखिरी ख्वाहिश हो तो पूरा कर लें। वैसे तो आलसी बेटे कुछ काम नहीं करते थे लेकिन वह अपने पिता से बहुत प्यार करते थे।

डॉक्टर के जाने के बाद वह सभी रोने लगे। अपने बेटों को दुखी देखकर किसान का दिल पिघल गया और कहा चिंता मत करों बच्चों मैं स्वर्ग से तुम्हारी रक्षा करूंगा और जिससे की तुम कभी भूखें ना रहो मैंने खेत में सारा धन गांड़ दिया है। जब वह तुम्हें मिले तो तुमलोग बाज़ार जाकर उसे बेच देना वह तुम्हारे जिदंगी भर के लिए काम आएगी।

कुछ ही समय के बाद किसान की मौत हो गई। कुछ दिन तक दुखी बेटे दुख के मारे कोई काम नहीं कर पाएं पर फिर उन्हें लगा भोजन के लिए कुछ तो करना पड़ेगा।

बेटों ने खेतों में खुदाई शुरू कर दी पर वहां उन्हें कुछ ना मिला। उनके पिताजी के दोस्त ने कहा आखिर तुमने खेत जोत ही दिया है। तो क्यों ना बीज भी डाल दो।

बेटे तैयार हो गए। खेत बुआई करके उन्होंने इंतजार किया। उस साल मूसलाधार बारिश हुई। एक दिन जब बेटे सुबह उठे तो उन्होंने हवा में लहराते हुए अपनी फसल देखी।

यह सब देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गई और उन्होंने कहा की यहीं वह धन था जो पिताजी हमारे लिए छोड़ के चले गए। अगर हम काम करेंगे तो हम कभी भी भूखे नहीं रहेंगे।

4. Kisan Story in Hindi- ईमानदार किसान और लालची बेटा (Honest Farmer and Greedy Son)

एक बार रहता था एक गरीब किसान वह बहुत ही परिश्रम था पर इतना मेहनत करने के बावजूद भी उसके खेत में कोई फसल मौजूद नहीं थी।

एक दिन पेड़ के नीचे आराम करते समय उसने एक सांप घर देखकर सोचा शायद ये नाग ही खेत का रक्षक है। अगर मैं इसकी सेवा करूंगा तो मेरी खेत भी उपजाऊ हो जाएगी।

अगले दिन किसान एक दूध की कटोरी ले आया और कहा ‘ओ नाग देवता कृपया मुझे समृद्धि और सफलता का आर्शीवाद दें।

सांप ने सारा दूध पिया और एक सोने का सिक्का उसके लिए छोड़ा। सोने का सिक्का तो यह सच्च है यह नाग देवा मेरे लिए शुभ है। धन्यवाद ओ नाग देवता।

इसी प्रकार कई दिनों तक चलता रहा। एक दिन किसान को काम के लिए शहर जाना पड़ा उसने अपने बेटे को बोला ‘बेटा हर रोज नाग देवता को दूध देना नहीं भूलना‌।

किसान के निकलने के बाद बेटा सांप को दूध देने लगा तो सांप ने रोज की तरह एक सोने का सिक्का दिया। बेटा सोचा हर रोज एक सोने का सिक्का कम हैं।

मुझे सारे एक साथ ही चाहिए कल मैं सांप को मारके सारे सिक्के निकाल लूंगा। अगले दिन दूध पीते समय किसान के बेटे ने सांप को लकड़ी से मारने की कोशिश की सांप तो बच निकला परंतु उसने सांप को डस लिया।

जब किसान वापस आया तो उसे इस घटना का पता चला और वह दुखी हो गया। किसान के बेटे को उसकी लालच की सजा मिल गयी।


हम आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई Garib Kisan Ki Kahani in Hindi पढ़कर आपको जरूर मजा आया होगा‌। यह Kisan Short Story in Hindiमेहनती किसान की कहानी न केवल बच्चों को पढ़ने में अच्छी लगती है बल्कि यह बड़े लोगों के मनोरंजन का साधन भी बनती है और हमें अपना गुजरा हुआ कल याद दिलाती है। यदि आपको यह कहानियां पसंद आयी हो तो आप हमकों इसके बारे में नीचे Comment भी कर सकते हैं।


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