{हिंदी} Best 9+ Hathi Ki Kahani in Hindi with Moral

Hathi Ki Kahani in Hindi नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हमने यहां पर हाथी की कहानी शेयर की है। इन हाथी की कहानी बच्चों वाली से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा एवं जीवन में इसका महत्व समझ आएगा।

Hathi Ki Kahani in Hindi

हाथी एक विशाल और ताकतवर जानवर है। इन हाथी की कहानी हिंदी में आपको पढ़कर बहुत अच्छा लगेगा। आज हम यहां आपको इन्हीं हाथी की कहानी बताएंगे।

यहां पर हमने तरह-तरह के कहानी जैसे दर्जी और हाथी, हाथी और चींटी, एक मोटा हाथी शेयर की है। जो पढ़ने में शायद छोटी लगे लेकिन इनके पीछे आपको एक अच्छी सीख मिलेगी। आपको इसे पूरा जरूर पढ़ना चाहिए।

1. दर्जी और हाथी की कहानी – Hathi Ki Kahani in Hindi

Hathi Ki Kahani in Hindi

एक गांव में रहता था एक दर्जी, उसी गांव में एक हाथी भी रहता था। हर रोज हाथी गांव के पास नदी में नहाने जाता था। रास्ते में वह उस दर्जी के दुकान को पार करके जाता था और दर्जी उसको फल खिलाता।

दोनों अच्छे दोस्त बन गए। एक दिन दर्जी का मन थोड़ा खराब था। हर रोज की तरह हाथी उसके दुकान में आया पर फल देने की बजाएं दर्जी ने उसे सुई से चुभाया।

हाथी को चोट लग गई और हैरान, परेशान रह गया, गुस्सा भी आया पर बिना कुछ कहें चुपचाप वहां से चला गया। नदी पर रोज की तरह पहुंच गया।

वह दर्जी का बुरा बर्ताव भूल नहीं पाया उसने अपनी सूंड़ में मिट्टी का पानी भर लिया और वापस दर्जी के दुकान में आ पहुंचा। हाथी ने सारे कपड़ों पर मिट्टी का पानी फेंक दिया।

इसके चलते दर्जी भी गंदा हो गया। हाथी का व्यवहार देखकर दर्जी हैरान रह गया पर उसने गुस्सा नहीं किया। दर्जी दुकान के बाहर आया और हाथी को प्यार से छुआ।

तुरंत उसने हाथी के लिए कुछ फल‌ लाएं और उसको अच्छे से खिला दिया। हाथी और दर्जी फिर से दोस्त बन गए।

शीर्षक- जैसे करनी वैसी भरनी अर्थात बुरा काम करोगे तो उसका परिणाम भी बुरा ही मिलेगा।

2. हाथी और चींटी की कहानी- Hathi Ki Kahani Bacchon Wali

Hathi Ki Kahani in Hindi

एक हाथी नदी में नहा रहा था। उसने नदी में अपनी परछाई देखी और सोचा ‘मैं तो सब जानवरों से बड़ा हूं। मुझे तो जंगल का राजा होना चाहिए।

हाथी ने सब जानवरों को बुलाया और कहा ‘देखों में सब जानवरों से बड़ा हूं। इसलिए मैं जंगल का राजा हूं। यह सुनकर सब जानवर डर गए। उन्होंने उसे राजा मान लिया।

एक चींटी ने हाथी को राजा मानने से मना कर दिया। हाथी ने उसे सूंड से उठाकर मारना चाहा। चींटी ने हाथी के सूंड के अंदर घुसकर कई जगह काटना शुरू कर दिया।

हाथी तड़पने लगा उसने बार-बार सूंड घुमाकर चींटी को बाहर निकालना चाहा। लेकिन चींटी नहीं निकली अंत में हाथी ने चींटी से हार मान ली। चींटी उसके सूंड से बाहर आ गई।

वह बोली ‘शरीर बड़ा होने से कोई बड़ा नहीं होता।

शीर्षक- हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिए।

3. शेर और हाथी की कहानी – Elephant Story in Hindi

एक गुफा में एक शेर रहता था। शेर ने एक हिरन को देखा और उसे मारकर खाने लगा‌। उस वक्त शेर के गले में हिरन की एक हड्डी अटक गई। शेर के लाख कोशिश के बावजूद वह हड्डी बाहर निकलने का नाम नहीं ले रहा था‌।

उस दर्द से शेर बहुत तड़पने लगा। शेर सहायता के लिए इधर-उधर भटका, शेर को रास्ते पर एक कबूतर दिखाई पड़ी। शेर ने अपना मुंह खोलकर फंसे हुए हड्डी को दिखाकर कबूतर से मदद मांगी।

कबूतर ने कहा मुझे तुमपर भरोसा नहीं है। तुम इस तरह सहायता मांग कर मुझे खाना चाहतें हो। ऐसा कभी नहीं हो सकता तुम यहां से चले जाओ।

शेर उदास होकर वहां से चला गया। इतने में उसे एक गाय नजर आया‌। शेर गाय के पास गया और कहने लगा ‘मेरे गले में एक हड्डी अटक गई मेरी मदद करो!’

गाय कहने लगी ‘मैं बहुत थक गई हूँ। मुझे नींद आ रही है तुम यहां से चले जाओ। शेर फिर उदास होकर वहां से आगे बढ़ गया। उसी समय एक हाथी नजर आया।

हाथी एक सेब के पेड़ के नीचे था। हाथी बहुत भूखी थी‌। वह सेब को खाना चाहती थी लेकिन उसका सूंड वहां तक नहीं पहुंच रहा था। इसलिए हाथी बहुत उदास बैठी हुई थी।

उसी समय शेर हाथी के पास आकर कहने लगा ‘ मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन उससे पहले तुम्हें मेरी मदद करनी होगी।

हाथी यह सुनकर कहने लगा ‘मैं तुम्हारा क्या सहायता कर सकता हूं। शेर हाथी से कहने लगा मेरे गले में हड्डी अटक गई है। मुझ पर दया रखकर हड्डी को निकोल दो।

फिर मैं तुम्हारी मदद करूंगा। हाथी ने शेर की बात मान ली और शेर के मुंह में फंसा हुआ हड्डी का टुकड़ा निकाल दिया। शेर का दर्द कम हुआ। शेर छलांग लगाकर पेड़ पर चढ़ गया और पेड़ से सेब तोड़कर हाथी को देने लगा।

हाथी ने सेबों को खाकर अपनी भूख मिटाई। शेर और हाथी दोनों खुश हो गए। उस दिन से दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए।

शीर्षक- हमेशा हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए।

4. बंदर और हाथी की कहानी – Hathi Ki Kahani Hindi Mein

एक था हाथी वह बगीचे में घुम रहा था। आम के पेड़ पर एक बंदर बैठा था। बंदर को शरारत सूझी उसने आम खाकर हाथी पर गुठली फेंकना शुरू कर दिया।

गुठली कभी हाथी के कान पर तो कभी हाथी की सूंड पर लगती थी। हाथी परेशान हो गया हाथी ने इधर-उधर देखा और उसे पेड़ की डाल पर बंदर नजर आया।

उसने बंदर को सूंड पर लपेट लिया। बंदर डर गया और उसने कान पकड़ कर हाथी से माफी मांगी। हाथी ने फिर उसे छोड़ दिया। अब दोनों दोस्त बन गए हैं।

शीर्षक- किसी को भी बेवजह परेशान ना करें।

5. खरगोश और हाथी की कहानी – Elephant Short Story in Hindi

एक जंगल में एक सरोवर था। सरोवर के किनारे गीली जमीन थी। वहां बहुत से खरगोश रहते थे। खरगोशों के बिल जमीन के अंदर थे। वे दिनभर इधर-उधर कूदते रहते।

नरम-नरम खास खाते, रात को अपने घरों में सो जाते। वे सब बहुत प्रसन्न रहते थे। उसी जंगल में कुछ हाथी आ गए। हाथियों के झुंड में कुछ शरारती हाथी थे।

वे अपनी सूँड से छोटे-छोटे पेड़ तोड़ देते‌। पौधे कुचल देते। हाथियों के बच्चे खेल-खेल में एक दूसरे से लड़ते, कभी एक छोटा हाथी नीचे होता तो कभी दूसरा।

हाथी पानी से बहुत प्यार करते है। वे सूँड में पानी भर-भरकर के नहाते फिर सरोवर के किनारे मिट्टी पर लौटते। नरम जमीन उनके भार से दब जाती।

साथ ही कई खरगोश परिवार भी दब जाते‌। इससे खरगोश बहुत दुखी थे। खरगोशों के सरदार ने कुछ उपाय सोचा, कुछ चुने हुए खरगोशों के साथ वह हाथियों के सरदार के पास गया।

कुछ दूरी पर बैठ खरगोशों के सरदार ने अपने पाँव उठाए। उसने उन्हें हाथ जोड़कर नमस्कार किया। हाथी ने सूँड उठाकर नमस्कार का उत्तर दिया।

खरगोश- हम चाँद के भांजे है। चाँद में आप हमारे भाई-बधुंओं को देख सकते है। हमारे कुछ भाई धरती पर रहने आए है।

मामा रोज सरोवर में आते हैं, हमसे मिलने। वे आपसे नाराज़ है।

हाथी- क्या? क्यों नाराज़ हैं? हमने क्या किया है?

खरगोश- सरोवर के समीप नरम मिट्टी में सुराख कर हमने अपने घर बनाएं है। आपके आने से सुराख दब गए जिससे से चंदा मामा के बहुत से भांजे दब गए।

इसीलिए वह आपसे बहुत नाराज़ है। वे रात को सरोवर में आएंगे और उन्हें यह देखकर अच्छा नहीं लगेगा।

रात हुई पूर्णमासी का चाँद निकला। हवा भी तेज थी। चाँद लहरों के साथ-साथ ऊपर नीचे हो रहा था। हाथी और खरगोश वहां पहुंच गए।

खरगोश- देखिए महाराज चंदामामा गुस्से से काँप रहे है। जल्दी यहां से दूर चले जाएं लगता है मामा नाराज़ हो रहे है।

हाथियों के सरदार ने अपनी झुंड की तरफ देखा सभी डर गए थे। सरदार ने अपनी सूँड झुंड की तरफ उठाई। सभी हाथीयों ने ऐसा ही किया और वहां से चले गए।

6. चिड़िया और हाथी की कहानी – Elephant Moral Stories in Hindi

एक पेड़ पर एक चिड़िया अपने पति के साथ रहा करती थी‌। चिड़िया सारा दिन अपने घोंसले पर बैठकर अपने अंडे सेकते रहती थी और उसका पति दोनों के लिए खाने का इंतजाम करता रहता था।

वे दोनों बहुत खुश थे और अंडे से बच्चों का निकलने का इंतजार कर रहे थे। एक दिन चिड़िया का पति दाने की तलाश में दूर गया हुआ था और चिड़िया अपने अंडों की देखभाल कर रही थी।

तभी वहां एक हाथी मस्त चाल चलते हुए आया और पेड़ की शाखाओं को तोड़ने लगा। हाथी ने चिड़िया का घोंसला गिरा दिया। जिससे उसके सारे अंडे फूट गए।

चिड़िया को बहुत दुख हुआ। उसे हाथी पर बहुत गुस्सा आ रहा था। जब चिड़िया का पति वापस आया तो उसने देखा की चिड़िया हाथी द्वारा तोड़ी हुई शाखा पर बैठकर रो रही थी।

चिड़िया ने पूरी घटना अपने पति को बताई जिसे सुनकर उसके पति को बहुत दुख हुआ। उन दोनों ने घमंडी हाथी को सबक सिखाने का निर्णय लिया।

वह दोनों अपने दोस्त कठफोड़वा के पास गए और उसे सारी बात बताई। कठफोड़वा बोला की हाथी को सबक मिलना ही चाहिए। कठफोड़वा के दो दोस्त ओर थे जिनमें से एक मधुमक्खी थी और एक मेंढ़क था।

उन तीनों ने मिलकर हाथी को सबक सिखाने की योजना बनाई जो चिड़िया को बहुत पसंद आई। अपनी योजना के तहत सबसे पहले मधुमक्खी ने हाथी के कान में गुनगुना शुरू किया।

हाथी जब मधुर आवाज में खो गया तो कठफोड़वा ने आकर हाथी की दोनों आंखों को फोड़ दिया। हाथी दर्द के मारे चिल्लाने लगा और तभी मेंढ़क अपने परिवार के साथ आया और दलदल के पास टल-टलाने लगा।

हाथी को लगा की यहां पास पर कोई तालाब होगा। वह पानी पीना चाहता था इसलिए दलदल में जाकर फंसा। इस तरह चिड़िया ने मधुमक्खी, कठफोड़वा और मेंढ़क की मदद से हाथी से बदला ले लिया।

शीर्षक- एकता और विवेक का उपयोग करके बड़ी से बड़ी मुसीबत को हराया जा सकता है।

7. लोमड़ी और हाथी की कहानी – Hathi Raja Ki Kahani

एक जंगल में एक लोमड़ी और एक हाथी रहते थे। दोनों में बहुत ही अच्छी मित्रता थी। दोनों ने एक दिन मिलकर आपस में बातें की और लोमड़ी ने हाथी से कहा चलो हम नदी पार करके तरबूज खाने चलते हैं।

हाथी डर गया और आना-कानी करने लगा और लोमड़ी से कहा अगर हम पकड़े गए तो हमें बहुत मार पड़ेगी। तब लोमड़ी ने कहा ‘हाथी भाई तुम बहुत डरते हो’।

फिर दोनों नदी की तरफ निकल पड़ते है। नदी के पास पहुंचकर लोमड़ी हाथी से कहता है ‘ हाथी भाई मैं बहुत छोटा हूँ, मैं कैसे नदी पार करूंगा? मैं तो नदी में डूब कर मर जाऊंगा।

तब हाथी ने कहा लोमड़ी से ‘तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ मैं तुम्हें नदी पार करा दूंगा। उसके बाद दोनों नदी पार कर लेते है।

उसके बाद खेत में जाकर वह बहुत मीठे-मीठे तरबूज खाते हैं। लेकिन थोड़ी देर में लोमड़ी का पेट भर जाता है और वह गाना गाने लगता है।

तब ही हाथी उससे कहता है ‘अरे लोमड़ी तुम गाने गाना बंद करो नहीं तो किसान आ जाएगा तुम्हारे गाने को सुनकर और हमें बहुत मारेगा।

अब मुझे ओर भी खाना है तो मुझे खाने दो। लेकिन लोमड़ी उसकी बात नहीं मानता और गाना गाते ही रहता है। तभी किसान आवाज सुनकर उनकी तरफ आने लगता है।

जिसके कारण हाथी और लोमड़ी वहां है भाग जाते हैं। लेकिन हाथी का पेट अभी तक भरा नहीं था जिसके कारण वह लोमड़ी पर बहुत गुस्सा था और उससे बदला लेना चाहता था।‌

भागकर दोनों नदी के पास पहुंच गए। लेकिन हाथी को लोमड़ी से बदला लेना था इसलिए उसने सोचा की जब लोमड़ी नदी पार कर रही होगी तब मैं उसे नदी में गिरा दूंगा।

नदी पार करते समय हाथी लोमड़ी को गिरा देता है। लोमड़ी मदद के हाथी को चिल्लाती है लेकिन हाथी उसकी एक नहीं सुनती है। तब लोमड़ी को समझ आ जाता है की हाथी ने उससे बदला लिया है।

शीर्षक- बुरे लोग के साथ हमेशा बुरा ही होता है।

8. हाथी और चूहे – Short Elephant Story in Hindi

एक बार जंगल के सारे हाथी इकठ्ठा होकर खाने की तलाश में एक दूसरे जगह के लिए निकल पड़े। जब हाथी जा रहे तो बहुत सारे चूहे उनके पैरों के नीचे दब के मर गए।

इसके बाद चूहों की एक मीटिंग हुई। उन्होंने फैसला किया वह हाथियों के सरदार से मिलेंगे और उन्हें इस बारे में बताएंगे ताकि कोई हल निकल सके‌।

चूहों का सरदार मस्ती में जा रहें हैं हाथीयों के सामने आकर खड़ा हो गया। जहां उसने हाथीयों से निवेदन करके कहां की आपके पैरों के नीचे आकर हमारे की चूहे साथियों की मौत हो गई है।

अगर आप अपना रास्ते बदल दें तो बड़ी मेहरबानी होगी। यह सुनकर हाथीयों ने अफसोस जताया और कहां की हम मांगी मांगते हैं लेकिन अब से हम आपको कोई नुक़सान नहीं पहुंचाएंगे।

एक दिन रोज की तरह हाथी तालाब में नहाने के लिए जा रहे थे। उन्हें अचानक से शिकारियों ने जाल में फंसा लिया। उनकी मदद की आवाज पूरे जंगल में गूंजने लगी।

चूहों को पता चल गया की हाथी खतरे में है और फिर सारे चूहे उसी दिशा में भागे जहां से हाथीयों की आवाज आ रही थी।

चूहे हाथी की परेशानी समझ गए और उन्होंने अपने तेज दांतों से जाल को काट दिया। हाथी ने सूँड उठाकर चूहों को धन्यवाद कहा चूहे भी हाथीयों के पीठ पर बैठकर मजे से खेलने लगे।

शीर्षक- हमें कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, जरूरत पड़ने पर कोई भी हमारे काम आ सकता है।


हम आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई Hathi Ki Kahani in Hindi पढ़कर आपको जरूर मजा आया होगा‌। यह हाथी की कहानी, Elephant Moral Stories in Hindi न केवल बच्चों को पढ़ने में अच्छी लगती है बल्कि यह बड़े लोगों के मनोरंजन का साधन भी बनती है और हमें अपना गुजरा हुआ कल याद दिलाती है। यदि आपको यह कहानियां पसंद आयी हो तो आप हमकों इसके बारे में नीचे Comment भी कर सकते हैं।


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