चालाक लोमड़ी और बकरी | The Foolish Goat Story in Hindi

 

The Foolish Goat Story in Hindi

The Foolish Goat Story in Hindi

बहुत समय पहले एक पुराना कुआं था। वह सुख चुका था और उसमें बिल्कुल पानी नहीं था। एक दिन एक प्यासी लोमड़ी कुए पर आई और उसने झांक कर देखा की पानी हैं या नहीं, पर नहीं वह बहुत ज्यादा झुक गई और अंदर गिर गई।

उस समय एक प्यासी बकरी वहां से गुजर रही थी तभी कुएं से आवाजें आने लगी। बकरी ने लोमड़ी को कुएं में देख कहां- अरे तुम वहां नीचे क्या कर रहे हो लोमड़ी।

लोमड़ी – नहीं मेरे प्यारे दोस्त मुझे बहुत प्यास लगी थी तो मैं पानी पीना चाहती थी और ये पानी बहुत ताजगी देता है। तुम नीचे आकर खुद ही चक लो ना। बकरी कुएं में कूद पड़ती हैं।

बकरी – तुम सही थी ये पानी मिठा और ताजगी भरा हैं। लेकीन हम इससे बाहर कैसे निकलेंगे।

लोमड़ी – कुएं का मुंह बहुत ऊपर हैं लेकिन तुम खड़ी हो जाओ तो मैं तुम्हारे पीठ पर चढ़कर कुएं से बाहर निकल सकती हूं। जैसे ही में बाहर जाऊंगी मैं बाहर आने में तुम्हारी मदद कर दूंगी।

बकरी खड़ी हो गई और लोमड़ी उसके ऊपर चढ़कर बाहर आ गई। फिर लोमड़ी ने बकरी की ओर नीचे देखा- मदद के लिए धन्यवाद दोस्त जल्दी ही मिलेंगे।

बकरी- अरे मेरे प्यारे दोस्त मुझे यहां मत छोड़ो अरे मेरी बात तो सुनो मैं बाहर कैसे निकलूंगी।

लोमड़ी – तुम्हें कुएं में उतरने से पहले ये सोचना था। क्या तुम्हें वो कहावत याद है कूदने के पहले देख लो। मेरा मतलब यही था। लोमड़ी वहां से चली गयी।

The Foolish Goat Moral of the Story – जिस काम को हमें करना हैं उससे पहले हमें सोच लेना चाहिए।
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