भेड़िया और चालाक बकरी | Wolf And The Clever Goat Story in Hindi

wolf and the clever goat story in hindi

Wolf and The Clever Goat Story in Hindi

एक गांव में एक सुंदर बकरा रहता था। बकरा सुंदर होने के साथ-साथ शरारती और चालाक भी था। वह दिन भर गांव में इधर-उधर खेलता था। ऐसे ही एक दिन खेलते खेलते बकरा गांव के पास एक जंगल में चला गया।

उस जंगल में एक भेड़िया रहता था जो उस दिन खाना ढूंढते हुए गांव की तरफ ही आ रहा था। भेड़िया बकरा को जंगल में देखकर बहुत खुश हो गया हैं। बकरा भेड़िया को सामने देख डर गया पर वह खुद को संभाल लिया और भेड़िया के हाथ से बचने के लिए मन ही मन उपाय सोचने लगा।

कुछ ही समय बाद भेड़िया बकरे के पास आ गया तब भेड़िया बकरा को बोला ‘क्या बात हैं मुझे सामने आते देख भी तू नहीं भागा, मुझे देखकर सभी डर जाते हैं तुझे डर नहीं लगा’

बकरे ने जवाब देते हुए कहां ‘अरे भागकर क्या फायदा तुम तो मुझको पकड़ ही लेते उससे अच्छा तुम मुझे खा लो ताकि मुझे थोड़ा पुण्य मिले और मरने के बाद में स्वर्ग जाकर सबको बता सकूं कि मेरी मौत एक बहादुर भेड़िए के हाथ हुआ था।

आगे भेड़िया ने बोला ‘वाह तुम्हारी ये बात मुझे बहुत अच्छी लगी वैसे तो मैं शिकार देखते ही उसे मार डालता हूं, बोलना का मौका नहीं देता हूं पर तू अलग हैं बोल मरने से पहले तेरा अंतिम इच्छा क्या हैं?

बकरे ने जवाब देते हुए कहां ‘ आपका मन दया से भरपूर हैं एक काम करते हैं आप मेरा ये बंसी ले लीजिए और थोड़ा बजाइए मैं गाना गाता हूं। ये बोलकर बकरा ने अपनी बंसी भेड़िया को दिया और भेड़िया भी बंसी बजाने लगा और

बकरा जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

बकरा का आवाज गांव के लोगों तक पहुंचा और गांव के लोग लाठी लेकर जंगल में बकरा को बचाने के लिए पहुंच गए। गांव के लोगों को लाठी लेकर आते देखकर भेड़िया बंसी छोड़कर वहां से भाग गया और ऐसे बकरा बच गया।


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